अदालत ने पाया कि दहेज की मांग और क्रूरता के आरोप किसी भी भौतिक साक्ष्य द्वारा समर्थित नहीं थे। अदालत ने बताया कि आपराधिक कानून उन स्थितियों में लागू नहीं होता है जहां निराधार आरोप लगाए जाते हैं, खासकर पारिवारिक विवादों में जहां एक व्यक्ति परिवार के दो से अधिक सदस्यों को फंसाना चाहता है।

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