अदानी पोर्ट्स रेटिंग। “अडानी ग्रुप” के लिए अच्छी और ख़ुशी की खबर है। इस बार इस समूह की कंपनी “अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन” (APSEZ) की रेटिंग बढ़ा दी गई। S&P वैश्विक रेटिंग एजेंसी ने कंपनी की क्रेडिट रेटिंग BBB से बढ़ाकर BBB कर दी है। यह रेटिंग कंपनी की वित्तीय ताकत और कर्ज चुकाने की क्षमता को दर्शाती है।
S&P ने क्या कहा?
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, एसएंडपी ने कहा कि अडानी पोर्ट्स के ऊंचे राजस्व, बेहतर नकदी प्रवाह और मजबूत बैलेंस शीट के कारण रेटिंग को अपग्रेड किया गया है। एजेंसी ने कंपनी को स्टेबल आउटलुक भी दिया है, यानी अगले एक से दो साल तक कंपनी की वित्तीय स्थिति मजबूत रहने की उम्मीद है।
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अदानी पोर्ट्स की योजना
अडानी पोर्ट्स 2030 तक पोर्ट की क्षमता 653 मिलियन टन से बढ़ाकर 1 बिलियन टन करने की योजना पर काम कर रही है। इसके लिए कंपनी आने वाले वर्षों में बड़े पैमाने पर निवेश करेगी। अनुमान है कि कंपनी का सालाना निवेश 18,000 करोड़ रुपये से बढ़कर 20,000 करोड़ रुपये हो सकता है. इस वजह से, एसएंडपी का मानना है कि विस्तार योजनाओं पर खर्च करने के बावजूद कंपनी की वित्तीय स्थिति अपने कर्ज को नियंत्रित करने के लिए काफी मजबूत है।
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कंपनी कारोबार का विस्तार करना चाहती है
आपको बता दें कि अडानी पोर्ट्स भारत के साथ-साथ अफ्रीका और दक्षिण पूर्व एशिया में भी कारोबार का विस्तार करने जा रही है। इस बीच, विशाखापत्तनम, कोलंबो और ऑस्ट्रेलिया में कुछ प्रमुख बंदरगाह परियोजनाओं से कंपनी के राजस्व और कार्गो व्यवसाय में बढ़ोतरी की उम्मीद है। एजेंसी ने कहा कि अगर कंपनी अपना उच्च प्रदर्शन जारी रखती है और कर्ज का स्तर नियंत्रण में रहता है, तो इसकी रेटिंग में और सुधार हो सकता है। हालांकि, अगर कंपनी बहुत ज्यादा कर्ज लेकर निवेश करती है तो रेटिंग पर दबाव आ सकता है।
