इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने फैसला सुनाया है कि जाति जन्म से निर्धारित होती है और धर्म परिवर्तन या विवाह से नहीं बदलती है। एससी/एसटी अधिनियम के तहत नौ लोगों पर मुकदमा चलाने के निचली अदालत के आदेश को चुनौती देने वाली अपील को खारिज करते हुए यह ऐतिहासिक फैसला आया। अदालत ने इस बात पर जोर दिया कि अंतरजातीय विवाह से किसी व्यक्ति की जाति की पहचान नहीं बदलती है, जिससे उत्पीड़न के खिलाफ सुरक्षा मजबूत होती है।

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