ईरान-इज़राइल युद्ध का शेयर बाज़ार पर असर. 28 फरवरी 2026 को इजराइल और अमेरिका ने ईरान पर हमला कर दिया, यानी युद्ध को एक महीना बीत चुका है. इस अवधि में भारतीय शेयर बाज़ार में अब तक की सबसे बड़ी बिकवाली देखी गई। पिछले सप्ताह के अंत में शुक्रवार को सूचकांक 1,690 अंक या 2.3 प्रतिशत गिरकर 73,583 पर बंद हुआ, जिसमें सेंसेक्स के दिग्गज रिलायंस इंडस्ट्रीज 4.6 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ।
क्यों गिरे RIL के शेयर?
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, आरआईएल के शेयर की कीमत में यह भारी गिरावट कई कारणों से है, जिसमें सरकार द्वारा पेट्रोलियम उत्पाद निर्यातकों पर आश्चर्यजनक कर लगाना, डॉलर के मुकाबले रुपये का रिकॉर्ड निचले स्तर पर जाना, बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी और विदेशी फंडों द्वारा भारी बिकवाली शामिल है।
निवेशकों को हुआ कितना नुकसान?
स्टॉक एक्सचेंज के आंकड़ों के मुताबिक, इस बिकवाली से निवेशकों को करीब 9 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ और अब बीएसई का बाजार पूंजीकरण 422.2 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है. बीएसई के आंकड़ों से पता चला कि 4,367 करोड़ रुपये की शुद्ध निकासी के साथ विदेशी फंड फिर से शेयरों के मुख्य विक्रेता थे।
अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच युद्ध शुरू होने के बाद से सेंसेक्स 7,700 अंक यानी 9.5 फीसदी से थोड़ा ज्यादा गिर चुका है, जबकि निवेशकों को करीब 41.4 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है. एनएसडीएल और बीएसई के आंकड़ों के मुताबिक, इस दौरान विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) ने घरेलू शेयर बाजार से 1.1 लाख करोड़ रुपये से कुछ अधिक की निकासी की।
कौन सा सेक्टर सबसे ज्यादा प्रभावित?
मारुति सुजुकी और बजाज फाइनेंस जैसे ऑटो और वित्तीय शेयरों में भारी बिकवाली हुई। रिलायंस इंडस्ट्रीज (आरआईएल) भी एक बड़ी गिरावट में रही, केवल एक सत्र में 4.6 प्रतिशत की गिरावट आई। हालांकि, इस दौरान टेक महिंद्रा और सन फार्मा जैसे कुछ आईटी और फार्मा शेयरों ने उतार-चढ़ाव के बीच शेयर बाजार को नियंत्रण में रखा। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक युद्ध पूरी तरह खत्म नहीं हो जाता, तब तक बाजार में उतार-चढ़ाव बने रहने की आशंका है.
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